The Untold Truth and Side Effects of Fake Shree Yantras

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ऋषियों का सुपरहिट फार्मूला: हर समस्या का धांसू समाधान!

जीवन में कई बार ऐसा होता है जब हमारे तमाम प्रयासों के बावजूद हम तनाव, मानसिक अशांति, रिश्तों में घर्षण, लड़खड़ाते व्यापार, असफलता, और असुरक्षा के चक्रव्यूह में फंस जाते हैं और परिस्थितियाँ हमारे नियंत्रण से बाहर हो जाती है। ऐसे समय में, हम अकेलेपन और निराशा की गहराई में खो जाते हैं। सवाल उठते हैं कि हम कहाँ चूक गए और आगे का रास्ता क्या है?

इसीलिए, हमारे ऋषिमुनियों ने मानव जीवन को संतुलित और कल्याणकारी बनाने के लिए विभिन्न उपायों का दिशानिर्देश (Guidelines) किया है। उनका मुख्य उद्देश्य मानवजीवन की विभिन्न पीड़ाओं को खत्म करना और लोगों की जीवन स्थितियों को और बेहतर बनाना था। इन उपायों में अति प्राचीन, सबसे प्रसिद्ध और सर्वोत्तम लाभ देने वाला एक ऐसा उपाय है, जो सदियों से लोगों को आकर्षित करता रहा है। यह उपाय क्या है? क्या आप जानते हैं कि इस उपाय के पीछे कौन सी रहस्यमयी शक्ति काम करती है?

उस शक्ति का नाम है श्रीयंत्र – जी हाँ, श्रीयंत्र।

आजकल, श्रीयंत्र को लगभग हर घर और ऑफिस में देखा जा सकता है। इसे धन-दौलत और समृद्धि का प्रतीक कहते है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार में उपलब्ध अधिकांश श्रीयंत्र न केवल आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा नहीं ला पाते, बल्कि कई बार नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकते हैं?

क्यों? इसका मुख्य कारण है – अशुद्ध निर्माण।

आजकल बाजार में बड़ी संख्या में ऐसे श्रीयंत्र उपलब्ध हैं, जो डाई-कास्टिंग तकनीक से बनते हैं। इनका Geometric ढांचा दोषपूर्ण होता है, जिससे उनकी ऊर्जा क्षमता खत्म हो जाती है। ऐसे अधूरे और दोषयुक्त श्रीयंत्र खरीदने वाले लोग न केवल अपेक्षित लाभ से वंचित रह जाते हैं, बल्कि उन्हें विपरीत परिणाम भी झेलने पड़ते हैं।

“यंत्र यानी Machine – या कुछ तकनीकी उपकरण जो ऊर्जा से प्रभावित होकर आसपास ऊर्जा प्रसारित करें। कोई भी machine की बनावट अगर ठीक नहीं है तो या तो वह ठीक तरीके से काम नहीं करेगा या फिर वह कुछ और काम बिगाड़ देगा।” Find out more.


क्यों हैं नकली श्रीयंत्र खतरनाक?

आजकल बाजार में नकली श्रीयंत्र की बाढ़ सी आ गई है। सस्ते श्रीयंत्र का आकर्षण और सही जानकारी का अभाव लोगों को गुमराह कर रहा है। कम कीमत के चक्कर में लोग डाई-कास्टिंग या प्लास्टिक से बने श्रीयंत्र खरीद लेते हैं, जो न तो ज्यामितीय रूप से सटीक होते हैं और न ही उनकी कोई ऊर्जा क्षमता होती है।

डाई-कास्टिंग का खेल: बाजार में अधिकतर श्रीयंत्र डाई-कास्टिंग तकनीक से बनाए जाते हैं। इस प्रक्रिया में, पिघले हुए धातु को एक साँचे में डाला जाता है। यह प्रक्रिया सटीक नहीं होती और श्रीयंत्र की ज्यामितीय संरचना में कई तरह की त्रुटियां पैदा हो जाती हैं।

अधूरी ऊर्जा: श्रीयंत्र की शक्ति इसकी ज्यामितीय संरचना पर निर्भर करती है। अगर यह संरचना दोषपूर्ण है, तो श्रीयंत्र अपनी ऊर्जा खो देता है और बेकार हो जाता है।

सस्ते श्रीयंत्र का आकर्षण: अधिकांश ग्राहक कम कीमत के कारण डाई-कास्टिंग या प्लास्टिक से बने श्रीयंत्र खरीद लेते हैं। ऐसे यंत्र न तो ज्यामितीय रूप से सटीक होते हैं और न ही उनकी ऊर्जा क्षमता होती है।

मुनाफे की प्राथमिकता: कुछ विक्रेता ग्राहकों की भावनाओं का लाभ उठाते हैं और सस्ते, दोषपूर्ण यंत्र बेचते हैं। उनके लिए यह केवल एक व्यवसाय है, जिसके चलते वे श्रीयंत्र की पवित्रता और महत्व को नजरअंदाज कर देते हैं।

जानकारी का अभाव: ग्राहकों को अक्सर श्रीयंत्र की गुणवत्ता और प्रभाव के बारे में सही जानकारी नहीं होती। वे केवल विक्रेता के दावों पर विश्वास कर लेते हैं।

नकारात्मक प्रभाव: एक अधूरा और दोषपूर्ण श्रीयंत्र न केवल आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा नहीं ला पाता, बल्कि कई बार नकारात्मक ऊर्जा को भी आकर्षित कर सकता है।

इस बात को गहराई से समझने के लिए एक उदाहरण देखते हैं।

इस संसार में हर वस्तु को एक विशिष्ट उद्देश्य के लिए बनाया जाता है। जैसे, दीवार पर लगी हुई घड़ी का उद्देश्य है समय बताना। लेकिन यदि उस घड़ी में अंकों की जगह बदल दी जाए, या उसके कांटों की संख्या बढ़ा-घटा दी जाए, तो क्या वह घड़ी अपने उद्देश्य को पूरा कर पाएगी? निश्चित ही नहीं। ऐसी घड़ी न केवल अपना कार्य ठीक से करेगी, बल्कि वह भ्रम और असुविधा भी पैदा करेगी।

यही सिद्धांत श्रीयंत्र पर भी लागू होता है। यदि श्रीयंत्र की संरचना में एक भी रेखा, त्रिकोण, पद्म या बिंदु गलत हो, तो वह अपनी ऊर्जा और प्रभावशीलता खो देता है। ऐसा यंत्र न तो “श्रीयंत्र” कहलाने योग्य होता है, और न ही यह अपने पास रखने वाले के जीवन में सकारात्मकता ला सकता है। इसके विपरीत, यह जीवन में मानसिक अशांति, असंतुलन और विफलताओं को जन्म दे सकता है।

इसलिए, श्रीयंत्र का सटीक और शुद्ध होना अत्यंत आवश्यक है। यह केवल एक सजावटी वस्तु नहीं, बल्कि एक दिव्य उपकरण है, जो ज्यामितीय सटीकता और शुद्धता पर आधारित होता है।

याद रखें:

शुद्ध और सटीक श्रीयंत्र की कीमत अपेक्षाकृत थोड़ी अधिक हो सकती है, लेकिन यह दीर्घकालिक लाभदायक है। यह जीवन में सिर्फ एक बार ही बसाना होता है इसलिए इसमें समझौता नहीं करना चाहिए। एक बार सही ढंग से स्थापित किया गया श्रीयंत्र कई पीढ़ियों तक आपके परिवार को सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता रहता है।

सस्ते विकल्प हमेशा महंगे पड़ सकते हैं: एक नकली श्रीयंत्र न केवल आपके पैसे बर्बाद करेगा बल्कि आपके जीवन में भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

गुणवत्ता हमेशा कीमत से अधिक मायने रखती है: एक शुद्ध और सटीक श्रीयंत्र आपको जीवन भर लाभ पहुंचाएगा।

विश्वसनीय विक्रेता से खरीदें: हमेशा किसी विश्वसनीय विक्रेता से ही श्रीयंत्र खरीदें।

निष्कर्ष

श्रीयंत्र केवल एक सजावटी वस्तु नहीं है, बल्कि यह एक पवित्र और प्रभावशाली उपकरण है, जो आपके जीवन को बदलने की शक्ति रखता है। परंतु, इसका लाभ तभी संभव है, जब आप इसे शुद्धता और सटीकता के साथ खरीदें।

इसलिए, अगले बार श्रीयंत्र खरीदते समय अपनी जागरूकता और सही जानकारी का इस्तेमाल करें। सच्चे लाभ की कुंजी आपके सही निर्णय में निहित है।

Content by: Shri Yantra Experts